Village Health and Nutrition Day in Maharajganj, Uttar Pradesh

गाँव स्तर पर महिलाओं, बच्चों एवं किशोरियों के स्वास्थ्य के लिए ग्रामीण स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस (वी.एच.एन.डी.) का बहुत महत्व है। ब्रेकथ्रू द्वारा 6 जनपदों में संचालित ‘दे ताली’ किशोर-किशोरी सशक्तिकरण कार्यक्रम के दौरान हमने पाया कि हमारे बहुत से गाँव से प्राथमिक या सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बहुत दूर हैं। ऐसे में ग्रामीण स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस महिलाओं, बच्चों व किशोरियों को गाँव में ही मूलभूत स्वास्थ्य सुविधाओं को मुहैया कराने में अहम भूमिका निभाता है। इसलिए कार्यक्रम से जुड़े सभी गाँव में हमारा एक मुख्य प्रयास रहा है ग्रामीण स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस के सफल एवं नियमित आयोजन में सहयोग करना ताकि किशोरियों को इसमें दी जाने वाली स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिले। 

किंतु इस कोविड महामारी के कारण हुए लॉकडाउन के दौरान ग्रामीण स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस का आयोजन लगभग हर जगह बाधित रहा। ऐसे समय में मूलभूत स्वास्थ्य सेवाओं के न मिलने से किशोरियों को काफ़ी दिक्कतें हो रही थीं। एक ओर लोगों का घर से निकलना मना था तो दूसरी ओर सभी अग्रिम पंक्ति की कार्यकत्रियों के ऊपर कोविड के कारण बहुत जिम्मेदारियां बढ़ने और आयरन व अन्य गोलियों व सेनेटरी पैड की आपूर्ति ठीक न होने के कारण वे किशोरियों की कोई विशेष मदद भी नहीं कर पा रही थीं|

ऐसे में ब्रेकथ्रू ने स्वास्थ्य मेलों के गाँव स्तर पर आयोजन की योजना बनायी ताकि किशोरियों और महिलाओं को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए न आना पड़े बल्कि हम व स्वास्थ्य तंत्र के लोग स्वयं उनके पास पहुंचे। 

योजना अनुसार ये स्वास्थ्य मेले ब्रेकथ्रू व साथी संस्थान ग्रामीण स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस के स्थान व दिन पर करेंगे। इस क्रम में हमारा पहला स्वास्थ्य मेला हमारी महाराजगंज जनपद की सहयोगी संस्था सृष्टि सेवा संस्थान ने ब्लाक स्तर पर किया ताकि मांग व आपूर्ति से जुड़े लोगों को साथ लाया जाए जिससे लोगों की दिक्कत व ज़रूरत स्वास्थ्य तंत्र के कार्यकर्ता समझें व लोगों में विश्वास जागे कि अब ये सुविधाएँ उनको गाँव में मिल पाएंगी।  

दिनांक 13 अगस्त 2020 को ब्रेकथ्रू की महाराजगंज कि सहयोगी संस्था सृष्टि सेवा संस्थान के द्वारा आयोजित स्वास्थ्य कैंप में स्वास्थ्य विभाग के लोगों ने अपना सहयोग देकर सफल बनाया। ये स्वास्थ्य कैंप लॉकडाउन के बाद अपनी तरह की पहली सामुदायिक गतिविधि थी जिसमें इस कोविड की स्थिति में भी विभाग से कई अधिकारी मौजूद रहे। ये सभी साथियों और सृष्टि सेवा संस्थान के लगातार प्रयासों का ही नतीजा था। 

हेल्थ कैंप में मुख्य अतिथि के रूप में चक रतनपुर के मेडिकल ऑफिसर इन चार्ज डॉक्टर अमित राव जी ने उपस्थित सभी प्रतिभागियों को कोरोना के बारे बताते हुये कहा कि कोरोना  के बचाव के लिये एकमात्र साधन है कि आप लोग मास्क का प्रयोग करें, 2 गज की दूरी बना कर रहें और साथ ही साथ साबुन से हाथ धोएं। 

इसी क्रम मे ब्लॉक कम्युनिटी प्रोसेस मैनेजर श्रीमती मुदिता त्रिपाठी ने किशोरीयो को उनके स्वास्थ्य पर बातचीत करते हुये सभी को आयरन, टीटी तथा कीड़े मारने की दवा खाने के बारे मे बताया।

हेल्थ कैंप मे सभी उपस्थित किशोरीयो को टीटी का टिका, पैड, मास्क, अनिमिया, आयरन की गोली, वजन, खान पान के साथ साथ उनका व्यक्तिगत काउंसलिंग किया गया। हेल्थ कैंप में ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर – हरीनाथ यादव, राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम काउंसलर – राम सुभाष, ANM – श्रीमती  गायत्री देवी, आंगनवाड़ी वर्कर्स – शैलजा देवी, प्रमिला देवी, पूनम देवी व मालती, आशा वर्कर – कवित्री देवी, गेनमती व सृष्टि सेवा संस्थान के सामुदायिक विकास कर्ता  उपस्थित थे।

ये पहला हेल्थ कैंप बहुत ही सफल रहा और इस प्रकार की ग्राम पंचायत स्तर की गतिविधि में भी साथ आने के लिए स्वास्थ्य विभाग प्रेरित हुआ।

Meet our other change makers

1

When Comics Helped Children Tell Their Stories

‘Mudde ki Baat, Comics ke saath!' (Talking about issues, with the help of comics!)  The participants had different real life…

READ MORE
1

बदलाव की तमन्ना

मीना (हरियाणा) द्वारा लिखित कासनी गांव जिला झज्जर का एक छोटा सा गांव है। झज्जर जिले से इसकी दूरी 21…

READ MORE
1

सपनों की उड़ान: एक किशोरी की कहानी

कहते हैं की अगर किसी को उसकी माँगी हुई चीज़ मिल जाए तो उसके लिए उससे बढ़कर कुछ नहीं हो…

READ MORE
Village Health and Nutrition Day in Maharajganj, Uttar Pradesh

बाधित वी.एच.एन.डी. सेवाओं को स्वास्थ्य कैंप के ज़रिये लोगों तक पहुंचाने की कोशिश

गाँव स्तर पर महिलाओं, बच्चों एवं किशोरियों के स्वास्थ्य के लिए ग्रामीण स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस (वी.एच.एन.डी.) का बहुत महत्व…

READ MORE
1

She Oversees Over A Hundred Students Today: Komal’s Story

We’re first introduced to 23-year-old Komal, a Breakthrough Team Change Leader, with her bursting into tears.  We - the Breakthrough…

READ MORE
Adolescents and Youth from areas where breakthrough works

Adolescents and Youth Lead the Way During Covid-19 Pandemic

The COVID-19 pandemic shook the entire world during 2020. When everything had come to a standstill, there was a momentum…

READ MORE
Do girls not have the right to contribute to the finances of a household?

क्या बेटियों को अपने माता-पिता की आर्थिक सहायता करने का हक नहीं ?

‘हम अपनी बेटी की कमाई नहीं खाते।’ ‘वो अपनी बेटी की कमाई खाते हैं।’ समाज की इस तरह के तीक्ष्ण…

READ MORE
1

ब्रेकथ्रू जेनरेशन ने किया बेटी उत्सव का आयोजन

ब्रेकथ्रू पिछले 5 साल से हरियाणा के चार ज़िलों - पानीपत, सोनीपत, रोहतक व झज्जर में लिंग भेदभाव व लिंग…

READ MORE
1

‘Girls Are Not Born Weak’

They were of her father’s and grandfather’s age but their comments, leering eyes and unwanted touch filled Vinita with repugnance.…

READ MORE
1

Meet The Brave Women Frontline Fighters Against Covid-19 In Rural UP

“I felt very scared the first time that I had to work with a positive patient. More than me, my…

READ MORE
1

The Machhrauli Girls: Kicking Out Gender Norms

What would you say if you saw girls playing football in a state which has historically had one of the…

READ MORE
1

‘Koi Kaam Chota Ya Bada Nahi Hota’: Gaurav’s Story

Gaurav's journey with Breakthrough, which started in 2017, was instrumental in building his confidence and negotiation skills. Through his engagement…

READ MORE
1

लिंग भेदभाव के खिलाफ एक शिक्षक की मुहीम

लैंगिक भेदभाव को मिटाने का संकल्प लिए हुए मास्टर रामबीर अपने पथ पर निरंतर अग्रसर हैं। लैंगिक भेदभाव की जड़ों…

READ MORE
1

All It Took Was Two Boys Speaking Up: A Story Of Change

“These boys have gone crazy,” remarked the men of the community. They were talking about Amit and his friend Satyam.…

READ MORE
1

How Muskan’s Story Is Inspiring Young Girls In Haryana Learn Martial Arts

Quiet and confident, 12-year-old Muskan loves Taekwondo! Unfortunately, her village Sheikhpur Khalsa has no place for her to learn. Read…

READ MORE
1

एक बुलंद आवाज़: विद्यावती, एक महिला प्रधान के जज़्बे की कहानी।

‘अपनी ज़बान संभाल कर बात करें! यदि यहाँ बैठना है तो मर्यादा बना कर रखें। आप यह क्यों कह रहे…

READ MORE
1

The Fight To Go To School: Furkan and Anam’s Story

When we pulled into Furkan’s village Pathargarh (located in Panipat, Haryana), Furkan was waiting for us at the end of…

READ MORE
1

A Look Into How Our Kishor-Kishori Melas Foster Intergenerational Dialogues

Breakthrough’s Kishor-Kishori melas are an annual community event that attempts to create an enabling environment for the adolescents.

READ MORE
1

Uma Devi And Her Daughters

‘I never regretted having only daughters….’ With tears in her eyes, Uma Devi embraced her daughter Nancy when she gave…

READ MORE
1

Leaving Norms Behind!

 "Arre didi! It indeed happened like that. Neelam was asked to bring her 3 year old brother to the adolescents'…

READ MORE

Leave A Comment

No Comments

No comments yet. Be the first to comment!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *